UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में लेखन का विशेष महत्त्व है। इस परीक्षा का द्वितीय चरण लिखित माध्यम में आयोजित होता है। इसकी लेखन की महत्ता को इस बात से समझा जा सकता है कि UPSC की अंतिम चयन सूची कुल 2025 अंकों में से बनाई जाती है, जिसमें 1750 अंकों की सिर्फ लिखित परीक्षाएं ही होती हैं। लेखन को प्रभावी कर इस परीक्षा की प्रतिस्पर्धा में बढ़त ली जा सकती है। आज का यह लेख उत्तर लेखन की तकनीकियों से संबंधित है, जिसकी जानकारी जुटाई गई है देश की सर्वश्रेष्ठ कोचिंग संस्कृति IAS Coaching के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अखिल मूर्ति सर से।
अखिल सर एक ऐसा नाम हैं, जिनसे मार्गदर्शन पाकर वर्तमान में हजारों अभ्यर्थी देश के उच्च प्रशासनिक पदों पर कार्यरत हैं। सर के प्रयासों से ही संभव हो पाया है कि हिन्दी माध्यम के छात्र IAS बनने के सपने को देखने के साथ उसे साकार भी कर रहे है। जानकार खुशी होगी कि सर हर उस छात्र तक पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं, जो IAS बनने की इच्छा रखता है।
सर से प्रश्न था कि उत्तर लेखन को कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है?
सर बताते हैं कि उत्तर लेखन एक कला है, जिसे अभ्यास से सुधार जा सकता है। इसके कुछ टिप्स हैं जो आपके लेखन को सुधारने में मदद करेंगे-
- सर्वप्रथम सावधानीपूर्वक प्रश्न को पढ़ें। आवश्यकता हो तो प्रश्न को अलग-अलग भागों में विभाजित कर लें।
- उत्तर के शुरूआती कुछ शब्दों में उत्तर की दिशा स्पष्ट कर दें कि आगे के सम्पूर्ण उत्तर में आप क्या कहने वाले हैं। जिसके माध्यम से एग्जामिनर को अपने उत्तर से जोड़ पाएंगे।
- तत्पश्चात प्रश्नों के विभाजित भागों के उत्तर को बारी-बारी अंतर्संबंधित रूप से विश्लेषित करें।
- लेखन शैली के प्रारूपों में भिन्नताएं होती हैं, जिसमें से चयन कर सकते हैं-
- पैराग्राफ में लेखन (छोटे-छोटे पैरा हों)
- पॉइंट्स में लेखन (यदि सूचनाएं ज्यादा हैं और अवधारणा स्पष्ट है)
- अपने उत्तर लेखन में डायग्राम, चार्ट, ग्राफ आदि को शामिल करें एवं इसे व्याख्यायित भी करें।
- अंत में, उत्तर समाप्ति के कुछ शब्दों या अंतिम पैराग्राफ में पूछें गए प्रश्न के मुताबिक निष्कर्ष लिखें। इसमें अपनी राय भी दे सकते हैं बशर्ते यह संतुलित एवं आशावादी हो।
- लेखन के क्रम में कुछ अन्य छोटी-छोटी एवं महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना चाहिए; जैसे-
- भाषा स्पष्ट हो
- वाक्य सरल एवं छोटे हों
- वर्तनी की अशुद्धियाँ न हों
- पूरे उत्तर में प्रवाह बना रहे
- विषय से संबंधित तकनीकी शब्दालियों का प्रयोग करें
- अनावश्यक भारी-भरकम शब्दों के प्रयोग से बचें; आदि
यदि आप उक्त टिप्स को अमल में लाने का प्रयास करते हैं तो निश्चित ही आपका लेखन प्रभावी हो होता जाएगा, जो आपकी सफलता की सम्भावना बढ़ा देगा।
